टेक सेक्टर में एक बार फिर बड़ी हलचल मच गई है। Amazon India Layoffs की खबर ने हजारों कर्मचारियों को चिंता में डाल दिया है। जनवरी 2026 में सामने आई इस छंटनी ने सिर्फ अमेजन ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय टेक इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया है।
जहां एक तरफ कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की बात कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर अनुभवी प्रोफेशनल्स अचानक बेरोजगार हो रहे हैं।
Amazon India Layoffs की पृष्ठभूमि और वजहें
28 जनवरी 2026 को अमेजन के सीनियर मैनेजमेंट ने आंतरिक मेल के जरिए बड़े संगठनात्मक बदलावों की जानकारी दी। कंपनी का फोकस अब तेज निर्णय, कम मैनेजमेंट लेयर और ज्यादा प्रोडक्टिविटी पर है।
पिछले कुछ महीनों में पहले ही हजारों पद खत्म किए जा चुके थे। अब नई कटौती के साथ कुल मिलाकर करीब 30,000 कॉरपोरेट भूमिकाएं प्रभावित मानी जा रही हैं।
भारत में इसका असर बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े टेक हब्स में ज्यादा देखने को मिला है। खासतौर पर टेक और प्रोडक्ट टीम्स इस बदलाव की चपेट में आई हैं।
कितने कर्मचारी हुए प्रभावित?
हालांकि अमेजन ने भारत के लिए आधिकारिक आंकड़े अलग से जारी नहीं किए, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के अनुसार सैकड़ों कर्मचारियों को नोटिस मिला है।
नीचे एक अनुमानित तस्वीर दी गई है जो विभिन्न रिपोर्ट्स पर आधारित है:
| क्षेत्र | अनुमानित प्रभावित कर्मचारी |
|---|---|
| ग्लोबल स्तर | लगभग 16,000 |
| भारत | 500 से 800 |
| पिछली कटौती (2025) | 14,000 |
यह साफ है कि भारत में संख्या भले कम हो, लेकिन असर गहरा है, खासकर मिड-लेवल और सीनियर टेक प्रोफेशनल्स पर।
सबसे ज्यादा किन टीमों पर असर पड़ा?
इस छंटनी में कुछ विभाग खास तौर पर प्रभावित हुए हैं:
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और टेक प्रोडक्ट टीम
- HR और इंटरनल ऑपरेशंस यूनिट
- कुछ सपोर्ट और ऑटोमेशन से जुड़ी भूमिकाएं
कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर बताया कि सुबह तक सब सामान्य था और शाम तक नौकरी खत्म।
छंटनी के पीछे असली कारण क्या हैं?
अमेजन का कहना है कि कंपनी को ज्यादा फुर्तीला और स्टार्टअप जैसी स्पीड वाला बनाना मकसद है। AI टूल्स, क्लाउड ऑटोमेशन और डेटा सिस्टम अब कई काम खुद कर पा रहे हैं। ऐसे में कुछ रोल्स को “अनावश्यक” माना जा रहा है।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि अमेजन भारत में 2030 तक अरबों डॉलर का निवेश भी कर रहा है। इससे कर्मचारियों के मन में सवाल उठ रहे हैं — जब बिजनेस बढ़ रहा है, तो नौकरियां क्यों घट रही हैं?
कर्मचारियों में डर और अनिश्चितता
इस फैसले ने सिर्फ प्रभावित लोगों को ही नहीं, बल्कि बाकी टेक प्रोफेशनल्स को भी डरा दिया है। EMI, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल खर्च और भविष्य की प्लानिंग — सब कुछ अचानक सवालों में आ गया है। कई लोग 8–10 साल से एक ही कंपनी में थे। उन्हें लगा था कि नौकरी सुरक्षित है। लेकिन अब भरोसा डगमगा गया है।
अमेजन क्या सपोर्ट दे रहा है?
कंपनी ने कुछ राहत कदम भी घोषित किए हैं ताकि कर्मचारियों को ट्रांजिशन में मदद मिल सके:
- सेवेरेंस पैकेज और नोटिस पीरियड सैलरी
- नई नौकरी ढूंढने के लिए करियर सपोर्ट
- सीमित समय के लिए हेल्थ बेनिफिट्स
हालांकि मौजूदा जॉब मार्केट में नई भूमिका मिलना आसान नहीं है।
भारतीय टेक इंडस्ट्री पर इसका बड़ा असर

इस घटना ने साफ कर दिया है कि टेक सेक्टर अब पहले जैसा स्थिर नहीं रहा। अब कंपनियां ज्यादा स्किल-बेस्ड हायरिंग कर रही हैं। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स जैसी स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
जो लोग खुद को अपग्रेड नहीं कर रहे, उनके लिए जोखिम बढ़ता जा रहा है।
आगे कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
इस दौर में सबसे जरूरी है लगातार सीखते रहना। नई टेक्नोलॉजी सीखना, नेटवर्क मजबूत करना और फ्रीलांस या रिमोट ऑप्शंस तलाशना भविष्य को सुरक्षित बना सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि अचानक नौकरी जाना भावनात्मक रूप से बेहद भारी पड़ता है।
Amazon India Layoffs से जुड़े अपडेट और स्टेटस कहां देखें?
अगर आप या आपके जानने वाले प्रभावित हुए हैं, तो लेटेस्ट अपडेट और करियर सपोर्ट स्टेटस यहां चेक कर सकते हैं:
https://www.amazon.jobs/career-support
Amazon India Layoffs की यह घटना सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि बदलते टेक युग का संकेत है। जो लोग आज सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, उनके लिए भी यह एक चेतावनी है कि स्किल्स ही अब असली जॉब सिक्योरिटी हैं।
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Disclaimer: यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि या बदलाव के लिए संबंधित कंपनी की वेबसाइट या नोटिस अवश्य देखें।
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