बिहार की सियासत में इन दिनों एक ही नाम चर्चा के केंद्र में है—Rohini Acharya। लालू प्रसाद यादव की ये बेटी अचानक सुर्खियों में आ गई हैं, जब उन्होंने एक एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट के जरिए राजनीति ही नहीं, बल्कि अपने परिवार से भी दूरी बनाने का दावा किया। उन्होंने लिखा कि वे राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार को भी “दुत्कार” रही हैं। इस खुलासे ने पूरे राजनीतिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है।
बिहार चुनाव 2025 हार और टूटता राजनीतिक किला
14 नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों ने महागठबंधन और आरजेडी को बड़ा झटका दिया। आरजेडी को सिर्फ 25 सीटें मिलीं और एनडीए गठबंधन को शानदार जीत मिली। परिणाम आने के अगले ही दिन, Rohini Acharya ने अपने पोस्ट में ऐसी बातें लिख दीं जिसने लालू यादव के परिवार में वर्षों से दबे विवादों को सार्वजनिक कर दिया।
Rohini Acharya का विद्रोह: एक पोस्ट जिसने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया
15 नवंबर की सुबह, Rohini Acharya ने एक्स पर लिखा कि वे राजनीति से संन्यास ले रही हैं और परिवार से भी दूरी बना रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सवाल उठाने पर उन्हें गालियां दी गईं, बदनाम करने की कोशिश हुई और यहां तक कि चप्पलों से मारा गया। उनका यह आरोप सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया।
संजय यादव और रमीज खान पर बड़े आरोप!
Rohini ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर लिखा कि दो लोग—संजय यादव और रमीज खान—जो तेजस्वी यादव के बेहद करीबी बताए जाते हैं, उन्होंने उन्हें चुप कराने की कोशिश की। उनका कहना है कि टिकट वितरण पर सवाल उठाने के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई।
आरोप कुछ इस प्रकार रहे:
- टिकट बंटवारे पर सवाल उठाने पर अपमानजनक व्यवहार
- बदनाम करने की कोशिश
- चप्पलों से मारने और घर से निकालने तक की नौबत
- परिवार में मतभेद पैदा करने की राजनीति
यह पूरा मामला अब Rohini Acharya Latest News के रूप में लगातार ट्रेंड कर रहा है।
किडनी दान करने वाली बेटी आज बेघर? यह सवाल पूरे देश को झकझोर रहा है

2022 में जब लालू यादव की तबीयत बिगड़ी थी, तब Rohini Acharya ने अपने पिता को किडनी देकर उनकी जान बचाई थी। आज वही बेटी कह रही है कि उसे घर से निकाल दिया गया? जनता सवाल उठा रही है—क्या सत्ता के खेल में रिश्ते भूल जाते हैं?
क्या यह आरजेडी परिवार की नई टूटन है?
लालू परिवार में विवाद पहली बार नहीं हुआ। तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय का वैवाहिक विवाद पहले भी चर्चा में रहा। अब Rohini का यह दावा कि उनका परिवार उनसे दूर हो गया है, यह सवाल फिर खड़ा करता है—क्या यादव परिवार के अंदर गहरी राजनीतिक दरार है?
Rohini Acharya और बिहार की महिला राजनीति
इस घटना ने बिहार ही नहीं, पूरे भारत में महिला राजनीतिक नेतृत्व पर एक नई बहस छेड़ दी है। क्या महिलाओं की आवाज को राजनीति के भीतर भी दबाया जाता है? क्या व्यक्तिगत योगदान भी सत्ता के सामने मायने नहीं रखता?
बिहार में विपक्ष पर असर: क्या आरजेडी हुआ और कमजोर?
विपक्ष पहले ही बिहार में कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है। अब Rohini Acharya के आरोपों ने पार्टी की छवि को और चुनौती दी है। विपक्षी दल इसे यादव परिवार के टूटते राजनीतिक किले का संकेत बता रहे हैं।
सोशल मीडिया और जनभावना: जनता क्या कह रही है?
सोशल मीडिया पर Rohini Acharya Latest News के स्क्रीनशॉट्स वायरल हैं। लोग कई प्रकार की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं:
एक बेटी ने पिता को किडनी दी… बदले में अपमान मिला!
सत्ता कभी भी परिवार से बड़ी नहीं हो सकती।
Rohini को न्याय मिलना चाहिए।
क्या Rohini Acharya फिर राजनीति में लौटेंगी?
यह सबसे बड़ा प्रश्न है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि जनता का समर्थन उन्हें मिलता रहा, तो वे स्वतंत्र राजनीतिक भूमिका भी अपना सकती हैं। वहीं कुछ का मानना है कि यह एक भावनात्मक फैसला है और समय के साथ स्थिति बदल सकती है।
राजनीति बहुत कुछ देती है, लेकिन परिवार छीन भी सकती है
इस कहानी से एक बात सामने आती है—रिश्ते, त्याग और भावनाएं राजनीति की शोर में खो जाती हैं। एक बेटी जिसने अपने पिता को अंग दान किया, वही आज अपनी इज्जत और अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। यह मामला केवल Rohini Latest News का नहीं, हर उस महिला की आवाज है जो परिवार और राजनीति के बीच पिस जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में शामिल जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट्स, न्यूज़ रिपोर्ट्स और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। हमारा उद्देश्य केवल खबर प्रस्तुत करना है। इसमें किए गए दावे संबंधित व्यक्तियों के हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना आवश्यक है। पाठक अपने विवेक से निर्णय लें।
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